पुसद, दिग्रस और दारव्हा तालुकों के 120 स्काउट, गाइड, रोवर एवं रेंजर ने लिया उत्साहपूर्वक भाग
विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, जिम्मेदारी और टीम भावना विकसित करने पर विशेष जोर
ज्योति अग्रवाल सहायक जिला आयुक्त (गाइड) और गजानन दाभाडे तालुका प्रमुख नियुक्त
पुसद, 08 अक्टूबर 2026, AYUSH24 NEWS प्रतिनिधि:
जिला परिषद शिक्षा विभाग, यवतमाल तथा द भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, जिला कार्यालय यवतमाल के संयुक्त तत्वावधान में पुसद स्थित गुणवंतराव देशमुख विद्यालय में स्काउट-गाइड संघनायक एवं रोवर-रेंजर मेट प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया।
इस प्रशिक्षण शिविर में पुसद, दिग्रस और दारव्हा तालुकों के कुल 120 स्काउट, गाइड, रोवर एवं रेंजर ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, जिम्मेदारी, आत्मनिर्भरता तथा सामूहिक कार्य करने की भावना विकसित करना रहा।
ध्वजारोहण एवं महापुरुषों के पूजन से शिविर का शुभारंभ
प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ स्काउट-गाइड ध्वजारोहण तथा स्काउट आंदोलन के संस्थापक लॉर्ड बेडन पॉवेल एवं लेडी बेडन पॉवेल की प्रतिमाओं के पूजन के साथ किया गया।

उद्घाटन समारोह में विद्यालय के मुख्याध्यापक श्री अशोक पोले, जिला संगठन आयुक्त (स्काउट) श्री गजानन गायकवाड़, जिला संगठन आयुक्त (गाइड) श्रीमती मनीषा तराळे, सहायक जिला आयुक्त (स्काउट) श्री नागोराव काकपूरे, नवजीवन ज्ञानपीठ इंग्लिश मीडियम स्कूल, पुसद की मुख्याध्यापिका श्रीमती ज्योति अग्रवाल (HWB), तालुका प्रमुख श्री गजानन दाभाडे तथा स्काउट मास्टर श्री गजानन गवली (Pre-ALT) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
ज्योति अग्रवाल एवं गजानन दाभाडे का नियुक्ति पत्र देकर सम्मान
इस अवसर पर नवजीवन ज्ञानपीठ इंग्लिश मीडियम स्कूल, पुसद की मुख्याध्यापिका श्रीमती ज्योति अग्रवाल को सहायक जिला आयुक्त (गाइड) पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार श्री गजानन दाभाडे को तालुका प्रमुख पद का नियुक्ति पत्र प्रदान कर उनका भी सत्कार किया गया।
स्काउट-गाइड के नियमों एवं नेतृत्व कौशल का प्रशिक्षण

प्रशिक्षण शिविर के दौरान प्रतिभागियों को स्काउट-गाइड एवं रोवर-रेंजर गतिविधियों से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इसमें ध्वजारोहण की विधि, स्काउट-गाइड एवं रोवर-रेंजर का पाठ्यक्रम, उद्देश्य, नियम, प्रतिज्ञा, सलामी, हस्तांदोलन, पाठ्यक्रम के विभिन्न चरण, दल पद्धति तथा संघनायक के कर्तव्य एवं जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकार की गांठें लगाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
120 प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण
पुसद, दिग्रस एवं दारव्हा तालुकों से आए कुल 120 स्काउट, गाइड, रोवर एवं रेंजर ने प्रशिक्षण शिविर में सक्रिय सहभागिता की।
शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को अनुशासित जीवनशैली, नेतृत्व कौशल, जिम्मेदारी निभाने तथा टीम के रूप में कार्य करने के महत्व से अवगत कराया गया।
शिविर की सफलता में कर्मचारियों का विशेष योगदान
प्रशिक्षण शिविर के सफल आयोजन में वरिष्ठ लिपिक श्री अर्जुन जाधव एवं कनिष्ठ लिपिक श्री विद्यानंद कोमलवार ने विशेष परिश्रम किए।
शिविर का समापन विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सेवा भावना और सामूहिक जिम्मेदारी विकसित करने के संदेश के साथ हुआ।










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