पॉक्सो एक्ट, साइबर सुरक्षा और AI के दुरुपयोग को लेकर विद्यानिकेतन में जागरूकता परिसंवाद
दिग्रस, आयुष 24 न्यूज़: बदलते डिजिटल युग में बालिकाओं की सुरक्षा के सामने उत्पन्न हो रही चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विद्यानिकेतन इंग्लिश स्कूल, कृष्णभूमि, दिग्रस में कक्षा 7वीं, 8वीं और 9वीं की छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता परिसंवाद का आयोजन किया गया।
विद्यानिकेतन इंग्लिश स्कूल के अध्यक्ष, बाल रोग विशेषज्ञ एवं शिक्षा सभापति डॉ. संजयजी बंग के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से मित्रता, पॉक्सो एक्ट, भावनात्मक दबाव, डिजिटल ब्लैकमेलिंग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के दुरुपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर छात्राओं को मार्गदर्शन दिया गया।
इस अवसर पर डॉ. संजय बंग ने कहा कि आज डिजिटल युग में बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। अनजान व्यक्तियों के फोन, सोशल मीडिया पर होने वाली मित्रता, भावनात्मक दबाव, डिजिटल ब्लैकमेलिंग और AI तकनीक के दुरुपयोग के प्रति छात्राओं को समय रहते जागरूक करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि बालिकाओं को किसी भी प्रकार के दबाव या धमकी से डरना नहीं चाहिए। परेशानी की स्थिति में चुप रहने के बजाय अपने माता-पिता, शिक्षकों या स्कूल प्रशासन से खुलकर बात करनी चाहिए। ज्ञान, जागरूकता और आत्मविश्वास के माध्यम से ही बालिकाएं स्वयं की सुरक्षा बेहतर तरीके से कर सकती हैं।
परिसंवाद में छात्राओं को ऑनलाइन या प्रत्यक्ष रूप से अनजान व्यक्तियों से संपर्क बढ़ाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। व्यक्तिगत जानकारी, पासवर्ड, फोटो और अन्य निजी विवरण किसी के साथ साझा न करने के लिए कहा गया।
साथ ही, किसी परिचित व्यक्ति के माध्यम से संपर्क होने पर भी पूरी तरह विश्वास करने से पहले आवश्यक सावधानी बरतने का आह्वान किया गया।
AI के माध्यम से फोटो एवं वीडियो में छेड़छाड़ कर उनका दुरुपयोग या ब्लैकमेलिंग किए जाने की संभावना को देखते हुए छात्राओं को ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत अपने विश्वसनीय माता-पिता, शिक्षक या स्कूल प्रशासन से संपर्क करने की सलाह दी गई।
“परेशानी आए तो चुप न रहें, अपनी बात खुलकर बताएं” का संदेश देते हुए छात्राओं से किसी भी प्रकार के दबाव या धमकी का अकेले सामना न करने की अपील की गई। साथ ही बताया गया कि मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि साहस की निशानी है।
बालिकाओं की सुरक्षा के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और डिजिटल जिम्मेदारी विकसित करने के लिए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित करने का संकल्प विद्यानिकेतन परिवार की ओर से व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में विद्यानिकेतन स्कूल के प्रधानाचार्य, शिक्षिकाएं एवं शिक्षकेतर कर्मचारी उपस्थित रहे।
आयुष 24 न्यूज़
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